दिवाली पर हम जलाते हैं दिया,
ईश्वर ने हमें भक्ति व ज्ञान धन दिया।
भक्ति के साथ गुणों का घृत डाल,
जलाऐं ज्ञान का दिया,
इस दीपक की लौ में भस्म करें,
बुराई व विकारों का सिलसिला।
ज्ञान की ज्योत फिर फैलेगी,
दिवाली नहीं पूरे वर्ष सदा,
अंतर्मन जलायें ऐसे चिंतन-मनन का दिया।
दिल में धार शांति,
लक्ष्मीजी का करो आव्हान
माता लक्ष्मी धरें चरण,
विनम्रता रूपी धर्म का जहाॅं हो आदान।
चॅंहु ओर पाओ प्रकाश,
जब करुणा हो अंतर्मन।
स्वागत हर्षोल्लास धूमधाम से,
मनायें दिवाली हम,
फिर आल्हादित मन,
सुख समृद्धि यश बरसे ताजीवन,
ऐसी मनावें दिवाली हम।
विहान अग्रवाल संस्कार न्यूज़
