” आओ सब मिलकर
ऐसा दीपावली पर्व मनायें
झुग्गी, झोपड़ियां के
हर अंधेरे कोने में
खुशियों के दीप जलाएं
अभावग्रस्त, गमगीन,
उदासीन चेहरों पर
फूलों सी
खिलखिलाहट ले आए
दीपावली पर्व पर
कुछ ऐसा बदलाव लाएं
प्यार का एक दीप जलाएं
लुप्त होते संस्कार और
संस्कृति के लिए
अपना नवदीप जलाएं
आत्मविश्वास और सहिष्णुता
से एक नवदीप जलाएं
हृदय कमल खिलाकर
नव दीप जलाएं
दीपावली पर्व पर
संकल्प ले
देश के सपूतों के
घर जाकर
एक दीप जलाएं
जो रोशन न कर सके
अपना घर -आंगन
उस घर-आंगन में
एक प्यार का दीप जलाना
सच्चे अर्थों में तभी
मनेगी दिवाली
जन-जन का मन
हम हर्षित कर पाए”।।
धन्यवाद
डॉ.राजकुमारी वी अग्रवाल
शुजालपुर मंडी मध्य प्रदेश
