आज दीपावली है चलो घर-घर दिया जलाएं,
जहां अंधेरा हो रोशनी वही दिखाएं,
चलो घर-घर दिया जलाएं,
जीवन में आप जिनकी मदद कर सकते हैं….
चुपचाप बिना किसी को बताएं मदद कर
दिजिए,
यकीन मानिए आप पर ईश्वर का
आशीर्वाद है,
वरना कौन राजा और कौन रंक बनेगा यह
ईश्वर के सिवा किसको पता होता है,
जीवन के अंधकार को प्रकाश में
बदलने का…..
पूरे विश्व में दीपावली एकलौता त्यौहार
होता है,
आज दीपावली है चलो घर-घर दीया
जलाएं,
जहां अंधेरा हो रोशनी वहीं दिखाएं,
खुद के लिए जीना स्वार्थ है दूसरों
का कल्याण कर ना परमार्थ है,
दीपावली अपनों के संग घर पर
मनाएं,
क्योंकि बच्चे के बड़े होने के बाद
माता पिता दिपावली दिन…
घर के आंगन में अपने बच्चों को
देखने के लिए तरस जाते हैं कई बार,
दीपावली अपनों के संग घर पर मनाएं।
नीतीश सिंह
कवि/लेखक
स्थान- कोलकाता,प.बं,भारत
