दीपावली तिमिर हरण
सनातन किया तेरा वरण
दीपक धीरे धीरे जल
अंधेरा को हरता चल
तुझमें हैं वो दम ख़म
तुझमे खो जाये तम
तिमिर विनाशक हैं तू
रास्ते दिखाता चल तू
दीपक धीरे धीरे जल
बुराई को जलाता जल
जहाँ जब तक तू रहेगा
बुराई को जाना पड़ेगा
जहाँ भी तू नहीं रहेगा
वहाँ पर शैतान रहेगा
दीपक धीरे धीरे जल
शून्य में ला दे हलचल
दीपक सनातन का प्रतीक
सत्य चलता हैं निर्भीक
लक्ष्मी गणेश की पूजा होती
लड्डू का भोग और करें आरती
ममता सिंह धनबाद झारखण्ड
