इस बार यू मनाओ दिवाली…
अपने घर की दहलीज पर
एक दीप कम जला लेना।
किसी घर अंधेरा हो तो
वहाँ उजाला कर देना ।
अपने लिए एक मिठाई
कम बना लेना, किसी निर्धन
भूखे पेट को रोटी खिला देना।
अपने लिए कम लिबास
ले लेना दोस्तों, किसी निर्धन
को कपड़ा सिलवा देना।
अपने बच्चों के खुशी के
पटाखे काम करके किसी
मुफलिस बच्चे के हाथ में
एक फुलझड़ी थमा देना।
इससे तुम्हारे जीवन में
होगा दुआओं का उजाला ।
फिर ईश्वर भी तुमसे प्रसन्न
होगा, चाहे ना फेरो तुम
प्रभु के नाम की माला।
कवि शैलेंद्र जैन गुनगुना
झालावाड़ राजस्थान
