दीपों का त्योहार है आया,
खुशियों की सौगात है लाया।
घर-आँगन में दीप जलाएँ,
मिलकर प्रेम के गीत सुनाएँ।
अमावस की रात मिटाएँ,
ज्ञान का उजियारा फैलाएँ।
नफरत के अँधियारे मिटें,
प्रेम के फूल हर दिल में खिलें।
जाति-धर्म की दीवारें तोड़ें,
ऊँच-नीच के बंधन छोड़ें।
हर घर में खुशहाली आए,
कोई भूखा रात न बिताए।
मिट्टी के दीप जलाना सीखें,
मेहनत का सम्मान करना सीखें।
गरीबों के घर भी दीप जलें,
सबके चेहरे खुशी से खिलें।
“मनटून” पटाखों से पर्यावरण को बचाएँ,
प्रेम और सद्भाव के दीप जलाएँ।
दीपावली का यही संदेश,
प्रेममय हो अपना गांव और देश।
🌹🙏 धन्यवाद 🙏🌹
— मनटून पासवान प्रधान शिक्षक बछवाड़ा बेगूसराय बिहार
