दीपोत्सव त्यौहार सेवा संग संस्कार

दीपोत्सव त्यौहार का, कर मानव आगाज।

सेवा के संकल्प से, बनते बिगड़े काज।।

धनतेरस में पूर्ण हों, सबके ही अरमान।

रक्तदान करना सदा, बचे किसी की जान।।

छोटी है दीपावली, अंँखियों से रसपान।

नेत्रहीन भी देख लें, ऐसा कर कुछ काम।।

नेत्रदान होता सदा, मरने के ही बाद।

छह घंटे भीतर करो, रखना तुम यह याद।।

आई शुभ दीपावली, अवयव का रख ध्यान।

अंगदान संकल्प ले, मानव बनो महान।।

गोवर्धन पूजा सफल, करो देह का दान।

तभी चिकित्सा क्षेत्र में, होंगे अनुसंधान‌।।

बहना भाई पर्व यह, कहते भाई दूज।

त्वचा दान संकल्प ले, यम यमुना को पूज।।

काया है अनमोल यह, रखना सदा निरोग।

परहित इसका दान कर, करें बड़ाई लोग।।

सुशीला फरमानिया ‘दीप्त’

संबलपुर, ओडिशा

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