दिवाली आने वाली है।
अपने संग खुशियाँ लाने वाली है।
गन्दगी को दूर भगाकर,
स्वच्छता का वातावरण बनाकर।
मां लक्ष्मी और गणेश का प्रतिमा लाकर,
देव पूजन करेंगे, नववस्ञ पहनकर।
दीप जलाएं,दीप जलाएं।
अँधेरा को दूर भगाएं।।
जगमग जगमग दीप जलेंगे।
घर आँगन सब खूब सजेंगे।।
मिटेगा दिल का सब अंधियारा,
चमकेगा अपना देश प्यारा।
नए कपड़े सब पहनेंगे।
घर घर मिठाई बटेंगे।
घर आँगन में सुन्दर रंगोली बनेंगे।
जगह जगह पर दीप जगमग जलेंगे।
एक दूजे से गले मिलेंगे।अपना आशीष सबसे लेंगे।
प्रेम का दीप जले सब दिल में,ममता की गंगा बह जाए।
द्वेष ,अहंकार, ईर्ष्या भूल भाईचारा जग में छा जाए।
हर्ष नारायण दास
फारबिसगंज, अररिया,बिहार
854318
