ट्रंप ने दोनों संभावनाओं का जिक्र किया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ तनाव के बीच कहा कि अमेरिका के सामने सैन्य कार्रवाई और समझौते, दोनों विकल्प हो सकते हैं। 25 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप ने संभावित हमले की बात कही, लेकिन तत्काल कार्रवाई को अंतिम मंजूरी मिलने की पुष्टि नहीं हुई।
आठ महीने से जारी संघर्ष की पृष्ठभूमि
फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद शुरू हुआ संघर्ष पश्चिम एशिया में व्यापक तनाव का कारण बना हुआ है। इस दौरान सैन्य कार्रवाई, कूटनीतिक प्रयास और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े बयान लगातार सामने आए हैं। संघर्ष के असर का दायरा भी क्षेत्र के कई हिस्सों तक फैला है।
ईरान ने अमेरिका पर लगाए आरोप
ईरान के राष्ट्रपति ने बातचीत में प्रगति न होने के लिए अमेरिका की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। ईरानी अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि यदि नए हमले होते हैं तो जवाबी कदम उठाए जा सकते हैं। हालांकि बयानों से यह तय नहीं होता कि आगे कौन-सा कदम वास्तव में उठाया जाएगा।
समुद्र के नीचे संचार केबलों को लेकर चिंता
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के सुरक्षा अधिकारियों ने संभावित हमले की स्थिति में खाड़ी क्षेत्र की समुद्र के नीचे बिछी संचार केबलों को निशाना बनाने की योजनाओं का उल्लेख किया। ऐसी केबलें इंटरनेट, बैंकिंग, ऑनलाइन कारोबार और क्लाउड सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। किसी भी व्यवधान का असर क्षेत्र से बाहर भी पहुंच सकता है।
कूटनीति की गुंजाइश अभी बाकी
अमेरिका की ओर से सैन्य कार्रवाई की संभावना जताए जाने के बावजूद समझौते का विकल्प भी चर्चा में है। इस समय यह कहना संभव नहीं कि हमला होगा या बातचीत से रास्ता निकलेगा। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के आधिकारिक फैसले, वार्ता और क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति महत्वपूर्ण रहेंगी।
