किशोर वेनार्जी
एक दीप जलाओ मानवता के नाम पर
अन्धियारे मे उजाला लाओ करुना के नाम पर.
नफरत कि आन्धिओ को वुझने न दो
प्रेम कि दिया हर दिल मे जलाओ.
जात पात कि दिवारे गिराओ आज
एकता का दीपक सव मिलकर जलाओ आज.
भुखे कि रोटि, प्यासे को पानी दो
धर्म नही कर्म ही पुजा है सच्चि
इन्सानियत से वरा न कोइ भाषा अच्छि.
दीप जले तो मन्दिर मे नही
दीप जले तो हर शरीर के घर मे भी.
आउ आज प्रण ले हम सारे
मानवता से वरा न कोइ नारा.
द्वीपावली का अर्थ एही है प्यारे
अन्धेरा मिटे उजाला फेले सारे
.एक द्वीप जलाओ मानवता के नाम पर
ये जीवन सार्थक करो भलाइ के नाम पर.
