अन्य दीयों के संग हम जलाएं ।
एक दीया शहीदों के नाम का ।
जो मिट गए मुस्कुराते,अर्पित ।
अपना तन- मन ,देश के नाम।
झेलकर बौछार गोलियों की ।
करें उन्हें नमन इस दीपावली।
आओ अन्य दीयों संग जलाएं ।
एक दीया शहीदों के नाम का।
कर लें उन वीरों की इसी बहाने।
याद,शौर्य- पराक्रम की गाथाएं।
आओ अन्य दीयों संग जलाएं ।
एक दीया शहीदों के नाम का।
हो जाए उन घरों में भी उजियारा,
बुझ गया इकलौता चिराग कुल का ।
रहते सरहद पर वो हमारे खातिर,
मना पाते होली दिवाली हम फिर।
सुरक्षित जान हमारी आज घरों में,
मातृभूमि के रक्षक सीना ताने खड़े।
आओ, अन्य दीयों संग जलाएं,
एक दीया शहीदों के नाम का।
©® डॉ.मोहिनी गुप्ता
