जगमग करते दिये जलाओ आज
दीपावली के दिये जलाओ आज
छोटी सी ज़िंदगी को खूबसूरत बनाओ
खुशियों से भर दो हर कोना कोना
देखो क़ोई भी घर न छूटने पाए
श्री राम के आने की ख़ुशी मनाओ
घर, आँगन, बाहर सब सजाओ आज
दीपावली के दिये जलाओ आज
भारतीय संस्कृति, परंपरा को आगे बढ़ाओ
श्री राम की मर्यादा से सीखो कुछ
बड़ो का सम्मान सदा तुम करो
एकता का प्रसार तुम करते रहो
अंधकार को दीपावली के दिये से भगाओ आज
मन के कलह क्लेश मिटाओ आज
दीपावली की ख़ुशी मनाओ आज
दीपावली के दिये जलाओ आज
डॉ वंदना घनश्याला की कलम ✍️से
