दीवाली के त्योहार आए आँगन में,
हर्षोल्लास से मनाएँ त्योहार आँगन में ।
बीते वर्ष की यादों को याद करें,
नववर्ष का स्वागत करें आँगन में ।
धनतेरस पर धनलक्ष्मी जी का पूजन करें,
काली चौदस पर काल का भय दूर करें आँगन में ।
दीवाली पर दीप जलाकर रंगोली सजाएँ,
पटाखे फोड़ने का आनंद उठाएँ आँगन में ।
नूतन वर्ष के दिन प्रेमभाव से मिलें,
एकता के दर्शन करें अपने घर-आँगन में ।
भाई दूज के दिन बहन का स्वागत करें,
नववर्ष के शुभ संकल्प लें घर-आँगन में ।
ज्योत्स्ना बहन नाथाभाई पटोलिया “जोसी”
