आई दिवाली आई दिवाली,
खुशियांँ जीवन में लाई दिवाली।
दीप जले तो दिल भी रोशन,
प्यार अपनापन लाई दिवाली।
भाई बहन और चाचा-चाची, मां-पापा और दादा-दादी।
दोस्त रिश्तेदारों के संग, हंँसी खुशी से मनायें दिवाली।
अपनों संग ही आनंद जीवन का,यही संदेश देती है दिवाली।
आई दिवाली आई दिवाली।
खुशियांँ जीवन में लाई दिवाली।
विविध रंगों के तालमेल से,रंग बिरंगी बनती रंगोली।
एक राष्ट्र अनेक भाषा, सबको प्यारी अपनी बोली।
बैर भाव नहीं रखना किसी से,यही संदेश देती है दिवाली।
आई दिवाली आई दिवाली।
खुशियांँ जीवन में लाई दिवाली।
सबके दिलों में हो उजियारा,हो सारे जग में भाईचारा।
आतंकवाद का हो सफाया,वसुधैव कुटुंबकम का ये नारा।
दीपक जैसे मुथा रहना रोशन,यही संदेश देती है दिवाली।
आई दिवाली आई दिवाली।
खुशियांँ जीवन में लाई दिवाली।
कवि छगनलाल मुथा-सान्डेराव
मुम्बई
