दीपावली का त्यौहार है आया ,
खुशियों की सौगात है लाया ,
अँधेरा दूर भगाया है ,
हर घर में उजाला छाया है।
झिलमिल करती है हर गली,
लगती है जैसे दुल्हन सजी।
रंगोली से द्वार है सजाया,
बंदनवार से घर महकाया।
माँ लक्ष्मी की पूजा होगी,
धन-धान्य की बरसा होगी।
गणपति बप्पा साथ रहेंगे,
विघ्न सभी के वे हर लेंगे।
बच्चों की किलकारी गूँजे,
पटाखों की आवाज़ें गूँजे।
फुलझड़ी सी चमके रातें,
मीठी-मीठी लगें सब बातें।
आओ मिलकर दीप जलाएँ ,
प्यार मोहब्बत सब में फैलाएँ
दीपावली का पर्व मनाएं,
खुशियों से झोली भर जाएँ।
डॉक्टर अनीता मेहता
पुणे , महाराष्ट्र
