अब मंदिर बन गया है, श्रीराम का श्रीराम का।
अब आगे नम्बर है,घनश्याम का घनश्यामका।।
लाखों दीप जलाकर दीवाली,मना रहे हैं लोग।
दर्शन कर श्रीराम सिया का, लगा रहे हैं भोग।।
सिया राम की अब कृपा हुई
, कल्याण अयोध्या धाम का।।
अब मंदिर बन गया है……
सुप्रीम कोर्ट का जब ये फैसला,
सच के हक में आया
शहीदों की मेहनत का,
रंग पूरे भारत में छाया
लगा रहे सब प्रेम-भाव से,
जयकारा श्रीराम का।।
अब मंदिर बन गया है……
बिना शस्त्र के युद्ध लडा है,
हमने यहां अधर्मी से।
सारे रखे प्रमाण साक्ष्य तो,
झुक गया वो बेशर्मी से।।
दिल से लगा लिया है हमने,
फल कड़े संग्राम का।।
अब मंदिर बन गया है…….
इंतजार का फल मीठा है,
बरस पांच सौ कहते है।
भक्तों के है राम,राम हर भक्त
के दिल में रहते हैं।।
हुआ नहीं जो रामभक्त वो
इंसा ही किस काम का।।
अब मंदिर बन गया…..
गीतकार
पं पुष्पराज धीमान भुलक्कड़
गांव नसीरपुर कला हरिद्वार उत्तराखंड
फोन एवं व्हाट्सएप 9634 21 36 38
