लंका दहन कर श्री राम जी आए ,
अधर्म पर धर्म विजय कराए।
श्रीराम संग सीता जी लाए,
संग में लक्ष्मण-हनुमान भी आए।
द्वार-द्वार पर दीप जले,
सबके घर रोशन हुये।
चारों ओर खुशियाँ है छाई,
जनक संग जानकी आई।
देख ये मंजर मुस्कान है आई,
सबके मन से पीड़ा है जाई।
कोई भी घर सूना ना रहा,
घर-घर जब दीपदान हुआ।
दीपों की अवली लगाई,
चहुँओर दीप ज्योति छाई।
पटाखों की भरमार लगाई,
फूलों की बहार छाई।
सब मिलकर नाचे-झूमें,
मिठाई से मिठास बिखेरे।
दीपों की दिवाली आई,
सबके घरों में खुशियाँ छाई।।
रचनाकार – मोनिका जैफ
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बबेली,रेणी
अलवर (राजस्थान)
