दीप जलाना सरल बहुत है,पर स्वयं दीप बनना कठिन है,घर का तम तो मिट जाता है,मन का तम मिटना कठिन है। दीवारों से धूल हटाई,आँगन का हर कोना सँवारा,किंतु कभी…
Month: November 2026
रंग बरसे गो
रंग बरसे कछु इमरत बरसे,से कछु इमरत बरसे, बरस रही कस्तूरी रंग बरसे गो।। हरयो-हरयो गोबर से अंगना लिपायेंगे, पीली-पीली मिट्टी मिलायेंगे। रंग बरसे गो… छोटे-छोटे दीपक घर जोड़ेंगे, खूब ही खुशियां बांटेंगे। नये-नये पकवान बनाएंगे, और मिठाई बनाएंगे। रंग बरसे गो… नये-नये कपड़े पहिनेंगे, और लक्ष्मी पूजन करेंगे। लक्ष्मी मां को आसन पे बिठायेंगे, और चुनरी उढ़ायेंगे। रंग बरसे गो… लक्ष्मी मां को घर पर बुलायेंगे, और स्वागत करेंगे। लक्ष्मी मां कृपा बरसायेगी, और आत्म दर्शन करेंगे। रंग बरसे गो… रंग बरसे कछु इमरत बरसे, बरस रही कस्तूरी रंग बरसे गो। तीनू ही रंग बरोबर बरसे, लाल, हरयो रंग पीलो रंग बरसे गो।। महिला अधिकारिता विभाग की साथिन सुगन देवी ग्राम पंचायत बबेली, पंचायत समिति रैणी, जिला अलवर (राजस्थान)। 🙏🏻🙏🏻
