दीप ज्योति दिवाली

लंका दहन कर श्री राम जी आए ,अधर्म पर धर्म विजय कराए।श्रीराम संग सीता जी लाए,संग में लक्ष्मण-हनुमान भी आए।द्वार-द्वार पर दीप जले,सबके घर रोशन हुये।चारों ओर खुशियाँ है छाई,जनक…

एक दीप अपने भीतर भी

इस दीपावली घर की सफ़ाई करते हुए,कुछ पुरानी यादें भी हाथ लगीं।कहीं बचपन की हँसी छिपी थी,कहीं अपनों की अधूरी बातें मिलीं।दीवारों से धूल तो हटा दी,पर मन की कुछ…

स्वयंभू

त्रिनेत्र धारी शीश पर, हैं गंग को धारण किये ।कंठाहार सर्प का, हैं गरल को पिये हुये।।स्वयंभू अस्तित्व का,पार कौन पा सका।भूत प्रेत साथ में,भस्मी तन मले हुये।। भूत प्रेत…

दीवाली का त्योहार

दीवाली के त्योहार आए आँगन में,हर्षोल्लास से मनाएँ त्योहार आँगन में । बीते वर्ष की यादों को याद करें,नववर्ष का स्वागत करें आँगन में । धनतेरस पर धनलक्ष्मी जी का…

“एक दीप ऐसा भी जलाएँ”

आज दीपों का पर्व मनाएँ,हर आँगन में दीप जलाएँ।लेकिन इस बार दिवाली पर,एक नया संकल्प भी उठाएँ।मिट्टी के दीपक की लौ से,अंधियारे को दूर भगाएँ।नफरत की दीवारें तोड़ें,प्रेम के कुछ…

दीपोत्सव आया है: तन मन का अँधेरा पहले मिटाओ

इस वर्ष की दीपावली आ गई है,तन मन का अँधेरा पहले मिटाओ,बाहर तो दीप हजारों जलते हैं,भीतर का दीपक पहले जलाओ। घर आँगन को तो सजाते हो सब,मन के आँगन…

दीपावली: ज्योति का उत्सव

रामवीर अहलावतप्रवक्ता (इतिहास), रा.बा.व.मा. विद्यालय नं. 1, टीकरी कलां, दिल्ली – 110041अमावस की काली चादर पर,जब दीप सितारे बन जाते हैं,हर घर-आँगन की देहरी पर,उम्मीद के फूल खिल जाते हैं।मिट्टी…

“एक दीप ऐसा भी जलाएँ”

आज दीपों का पर्व मनाएँ,हर आँगन में दीप जलाएँ।लेकिन इस बार दिवाली पर,एक नया संकल्प भी उठाएँ।मिट्टी के दीपक की लौ से,अंधियारे को दूर भगाएँ।नफरत की दीवारें तोड़ें,प्रेम के कुछ…

दीपावली अंतर्मन

दिवाली पर हम जलाते हैं दिया,ईश्वर ने हमें भक्ति व ज्ञान धन दिया।भक्ति के साथ गुणों का घृत डाल,जलाऐं ज्ञान का दिया,इस दीपक की लौ में भस्म करें,बुराई व विकारों…

दीप जलाओ, मन के अँधियारे मिटाओ…….

🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔 आज फिर आई है दीपों की रात,लेकर खुशियों की सुंदर सौगात।आँगन में दीपों की कतार सजी,हर चेहरे पर मुस्कान नई। माटी का दीपक कुछ कहता है,अँधियारे में भी रोशन…

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