
जग जननी जीवन दाता, वो माँ ही तो है,
एक परम् पवित्र नाता, वो माँ ही तो है |
जमाने में नहीं, माँ मिलती है टोही,
करुणा की मूर्त माँ,माँ कोई भी होई,
अरे, माँ तो माँ ही होती है,माँ जैसा ना कोई,
ममता वाळी जो माता, वो माँ ही तो है,
तेरी हर धड़कन की ज्ञाता,
वो माँ ही तो है |
दुःख पीड़ा सब सहकर,माँ दुनियां दिखलावे,
तेरे हॅस-हँस करके माँ,माँ लाड़ लडावे,
ज़ब भूख सतावे,दौड़ा आवे,माँ की शरण जावे,
स्तनों में दूध पी जाता, वो माँ ही
तो है,
खुद सोकर जिसे जगाता,वो माँ ही तो है |
माँ की गोदी में तूँ तो निर्भय ही सोता,
सबसें उत्तम पल,बस वोही तो होता,
तूँ ज़ब-ज़ब रोता,व्याकुल होता,रो देती माता
कोई है जो गले लगाता,वो माँ ही तो है,
तूँ क़भी समझ नहीं पाता,वो माँ ही तो है |
अच्छा अच्छा तुमको माँ, व्यंजन खिलाती,
ज़ब तक तूँ ना खावे माँ, खुद भी न खाती,,
तूँ आगे आगे दौड़े माँ,पीछे पीछे आती,
खिलाती जो मन भाता,वो माँ ही तो है,
तूँ नखरे जिसे दिखाता,वो माँ ही तो है |
जग में जो भी सारी,फूलवारी माँ है,
गुलशन की क्यारी, जग से न्यारी माँ है,
प्रेमपाल सबसे भारी,प्यारी प्यारी माँ है,
दिन रात तेरे गुण गाता,वो माँ ही तो है
चरणों में शीश झुकाता,वो माँ ही तो है |
एक परम् पवित्र नाता, वो माँ ही तो है |
गौड़ प्रेमपाल शर्मा
