माँ कभी थकती नहीं

माँ तो माँ है, कभी थकती नहीं,
अपने दर्द की बातें किसी से कहती नहीं।
कब हँसती है, कब खाती है,
उसकी सुबह कब होती है,
हम बच्चों को पता ही नहीं चलता,
वो तो बस हमारे लिए ही जीती है।

जोली सुरती।

उसकी दुनिया बच्चों में सिमट जाती है,
हर धड़कन में ममता बस जाती है।
पहला श्वास, पहला स्पर्श,
पहला दूध और पहला हर्ष,
माँ की गोद में मिलता सुकून,
जैसे खिल उठे जीवन का जुनून।

ईश्वर को भी जन्म लेने हेतु,
माँ की पावन कोख चाहिए।
ममता, शक्ति और सहनशीलता की,
जीती जागती लौ चाहिए।

मेरी हेमंतवाली, मेरी झांसी की रानी,
मेरी प्यारी माँ सबसे निराली।
तेरा प्रेम चाँद सूरज सा चमके,
तेरी ममता हर आँगन दमके।

धरती माता, गौमाता का सम्मान,
माँ तू ही जीवन का अभिमान।
तेरे चरणों में शत शत नमन,
तू ही मेरा पहला वंदन।

जोली सुरती

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