
ममत्व भरा वो स्पर्श
याद आता है ….
उसके पास बैठ कर
बिन बोले संवाद कुछ समझा जाता है….
कठिन समय में दिया गया दिलासा
संबल दे जाता है….
खुशियों में खुश होने पर सिर सहलाना
हमेशा मुझे मजबूत बनाता है….
जीवन पथ पर कदम रखने की सीख
राह भटकने से बचाता है….
दुनिया के निष्ठुर जंगल में
उसका मातृत्व ममता लुटाता है।
मृणालिनी
