
माँ जीवन की आशा है
धैर्य की परिभाषा है
माँ सुखों का संगम है
ममता और अभिलाषा है ।।1।।
माँ सुकून का एक पल है
माँ प्यास में जल है
माँ सभी दु:खो का हल है
माँ आज है, माँ कल है ।।2।।
माँ ममता का शौर्य है
माँ स्तंम्भ और धैर्य है
माँ धूप में छाँव है
माँ शहर और गाँव है ।।3।।
माँ स्वार्थ रहित सत्कार है
माँ जीवन और आधार है
माँ हँसता हुआ परिवार है
माँ सुखों का संसार है ।।4।।
माँ का दामन साथ है जिसके
हर बाधाएं दास है उसके
मिलतीं है खुशियाँ जीवन की
होती माँ पास है जिसके ।।5।।
रचनाकार
संजय कुमार *स्नेही
पद- सहायक अध्यापक
कम्पोजिट विद्यालय कलीचाबाद लालगंज आजमगढ़ उत्तर प्रदेश
