
माँ केवल एक शब्द नहीं,
पूरे जीवन का आधार है।
उसकी ममता की छाँव तले,
हर मौसम गुलज़ार है।
जब दुनिया ने ठुकराया है,
माँ ने गले लगाया है।
आँसू आँखों में मेरे आए,
दर्द उसने अपनाया है।
खुद भूखी रहकर भी जिसने,
मुझको रोटी खिलाई है।
मेरी छोटी सी मुस्कान पर,
दुनिया अपनी लुटाई है।
मेरी गलती, मेरी नादानी,
सब हँसकर सह जाती है।
माँ की दुआएँ ही तो हैं,
जो हर मुश्किल हर जाती हैं।
माँ है मंदिर , माँ है पूजा,
माँ जीवन का सार है।
उसके चरणों में ही बसता,
सच्चा स्वर्ग संसार है।
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(सासु मां श्रीमती गीता देवी के चरणों में सादर समर्पित)
मनटून पासवान प्रधान शिक्षक बछवाड़ा बेगूसराय बिहार
