मां ही ईश्वर है


मां तू सबसे बड़ा महान है ।
जग से लड़कर मुझे लाई है ।
जिस ईश्वर को लोग देखा नहीं है ।
ओ साक्षात मां है और नहीं है ।
ये दुनिया किसने मुझे दिखाई है ।
रंग बिरंगी संसार मां ने मुझे बतलाई है ।
मैं कहां होता अगर न मां होती ।
नौ महीने गोद में सवांरती है ।
एकेक दिन मुझे गढ़कर दुलारती है ।
ऐसी हौसला जूनून खुद में भरती है ।
मुझे सबसे सुंदर सुशील बनाती है ।
बुद्धि शक्ति हर गुण अंग अंग भरती है।
मेरे लिए तो मां ही ईश्वर है ।
सारा जग में उन्हीं का नाम है ।
ये देखना सुनना हंसना बोलना ।
सब कुछ आंचल की छांव में मिलती है ।
मां हर पल आंचल बिछाए रखती है ।
स्वर्ग, मां की चरणों में सदैव रहती है ।
मां से बढ़कर तुम बिन कौन है ।
जन्मो जन्म तक मां की अनंत ऋणी हैं ।

         बी.आर.जाटवर "वेदांज "
        कटघोरा जिला कोरबा (छ ग)

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