।।मेरी माँ ।।


मानवजन्म भागसे पाया।
जन्म दिया मां,सुशीला
साया।।१।।
मां के बराबर नहीं कोई जग में।
मां दुख सुख को दौड़ी पल में।
मां बिन ममता नहीं कोई
पाया।।१।।
एक मात है जन्म बखानी।
दुजी सृष्टि माता रानी।
पालन करती फल
सुखदाया।।२।।
ममता मां की त्रिलोक जानि।
मां शक्ति है ब्रह्मबखानी।
माता विजय की सर पर
साया।।३।।
जन्म दिया मां***

विजय डांगे

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