नीम, पीपल या हो फिर आम एक पेड़ लगाओ मां के नाम जिसके आंगन पेड़ नीम का वहां न काम किसी हकीम का जो भी करता इसकी दातून चमकते दांत, शुद्ध हो खून कितनी औषधि…
भूमंडल पर अनुपम कृति।ईश्वर प्रदत्त है मां।न कोई जगत में है न कोई होगा मां जैसा।ममता, दुलार,लाडका खजाना।कनखियों से मुझे निहारना।मेरी गलतियों को मुस्कराते सुधारना।कभी प्यार से कभी डांट से…
माँ की ममता मेरी मांदुलारी है, मेरी माँ सबसे अच्छी है, कभी-कभी मुझे डांटती है, कभी-कभी प्यार होता है , मेरी माँ बहुत अच्छी है, अच्छी बातें सिखाती रहती…
माँ शब्द में विश्व समायाहै चेतन की धारा ।जिसमें बहती आत्मा अपनी,जीवन अर्थ सँवारा ।। जन्म नहीं यात्रा है जग में,जो भीतर ही चलती।प्रतिध्वनित होती साँसों में,धड़कन में छवि पलती…
माँ,तुम अब मेरे पास नहीं हो,तो ये घर सिर्फ दिवारों का ढांचारह गया है,तुम्हारी आवाज,प्रभात की वो रोशनी थी,जो थके हुए मन परहौले-हौले उतरती थी,तुम्हारे हाथों मेंसिर्फ स्पर्श नहीं था,बल्कि-एक…
मां सुबह की पहली किरण,मां मंदिर का पावन वंदन।उसकी हंसी में फूल खिलें,उसके आंचल में सुख मिलें।थके कदम जब रुक जाते हैं,मां के शब्द सहलाते हैं।रोटी में वो प्यार सजाती,भूखे…