मां का व्याख्यान शब्दों में हो नहीं सकता,मां सरीखा दुनिया में कोई हो नहीं सकता,मां के दुलार की कोई बराबरी कर नहीं सकता,मां जैसा हितैषी कोई मिल नहीं सकता।अपने आप…
मेरी मातुश्री रमा मिनोचा को समर्पित मां बोलना एक मीठी जुबानबच्चा बन मन से पूछोमुहँ से पहले निकला मांमां के हाव-भाव आकर्षककभी एकटक देखतेजाएवैसे मां स्नेह बरसाती जाएकब मेरा बड़ा…
गोरा काला और गेंहुआ,रंग चमकता है।माँ का मुखड़ा कैसा भी हो,सुन्दर लगता है। आँखों में ममता का सागर,लहराता रहता।भाल बिंदु तो पूर्ण चंन्द्र की,शोभा हर लेता।उलझे बालों में सिंदूरी,तेज दमकता…
माँ केवल एक शब्द नहीं,पूरे जीवन का आधार है।उसकी ममता की छाँव तले,हर मौसम गुलज़ार है। जब दुनिया ने ठुकराया है,माँ ने गले लगाया है।आँसू आँखों में मेरे आए,दर्द उसने…
माँ सृष्टिकाल का मूल,वह है गुल री कमल,शीलता में है अव्वलउसके ॠणी हैं हम बाल।। माँ संभाले घर-आंगन,सभ्यता,संन्कृति चमनसत्य से कलि,सुकुमारचलती सुचारू परिवार।। प्रथम गुरू बाल,बालादेती ज्ञान-दीप आलीनिपुणता में परचम…
मेरी माँ बहुत ही प्यारी,उनसे ही दुनिया मेरी सारी।माँ के बिना जीवन अधूरा,वो ही सागर, मैं छोटा सा धूरा। चलना सिखाया, बोलना सिखाया,अच्छा-बुरा सब समझाया।कैसे जीना, कैसे मुस्कुराना,दूसरों से प्रेम…
माँ कैसे परिभाषित करु तुम्हें,क्या हो तुम मेरे लिए कैसे कहूं।माँ मेरा वजूद है तुमसेशब्दों में तुम्हें कैसे बांधू।।मेरा सारांश ही तुम हो…..अपनी सारी परेशानियां,आकर तुमसे कह देती हूं।शायद तुम्हे…
वंदन है अभिनंदन हैमेरी दोनों मांओं कापहला जिन्होंने मुझे जन्म दियादूजा जिन्होंने मेरे लिए जन्म दिया रखकर सीने पर पत्थर ,डाल दिया मेरी झोली मेंबांट लिया है मुझसे ,अपने जिगर…
यह जो वक्षस्थल है एक माॅं का,यह अभयारण्य है शैशव का।क्रीड़ा किया करता है इसमें,भविष्य हमारी मानवता का।1। पिता है बीज तो माॅं धरा है,बीज कहाॅं बिना धरा उगा है।देती…